motivation thought : finding strength within in hindi

Scroll to Next Button   सकारात्‍मक सोच को आपनाना महत्‍वपूर्ण है । किसी स्थिति के नकारात्‍मक पहलुओं पर ध्…

चोहदाव पाठ

चौहदवा अध्याय     1. इस पृथ्वी पर तीन ही रत्न है —–जल, अन्न, और मधुर वचन ! बुद्धिमान व्यक्ति इनकी समझ रखता है, परन्तु मूर्ख लोग…

तेरबा पाठ

तेरहवा अध्याय       1. उत्तम कर्म करते हुए एक पल का जीवन भी श्रेष्ठ है, परन्तु दोनों लोकों (लोक-परलोक) में दुष्कर्म करते हुए कल…

बारवा पाठ

बारहवा अध्याय     1. घर आनंद से युक्त हो, संतान बुद्धिमान हो, पत्नी मधुर वचन बोलने वाली हो, इच्छापूर्ति के लायक धन हो, पत्नी के…

ग्यारवा पाठ

ग्यारहवा अध्याय       1. दान देने का स्वभाव, मधुर वाणी, धैर्य और उचित की पहचान, ये चार बातें अभ्यास से नहीं आती, ये मनुष्य के स…

दसवां पाठ

दसवा अध्याय       1. निर्धन व्यक्ति हीन अर्थात छोटा नहीं है, धनवान वही है जो अपने निश्चय पर दृढ़ है, परन्तु विदया रूपी धन से जो…

नवमा पाठ

नववा अध्याय       1. यदि मुक्ति चाहते हो तो समस्त विषय-वासनाओं को विष के समान छोड़ दो और क्षमाशीलता, नम्रता, दया, पवित्रता और स…

आंठवा अध्याय

आंठवा अध्याय 1. निकृष्ट लोग धन की कामना करते है, मध्यम लोग धन और यश दोनों चाहते है और उत्तम लोग केवल यश ही चाहते है क्योंकि मान…

ज़्यादा पोस्ट लोड करें
कोई परिणाम नहीं मिला